1.1 भारत में भूमि पंजीकरण प्रणाली

📰 सुर्ख़ियों में क्यों?
हाल ही में भारत के उच्चतम न्यायालय ने भारत की भूमि पंजीकरण व स्वामित्व प्रणाली में मूलभूत सुधार की आवश्यकता पर ज़ोर दिया।


⚖️ न्यायालय के प्रमुख अवलोकन

❌ नामांतरण (Mutation) अनिवार्यता वाला नियम निरस्त

स्पष्ट किया:
  • पंजीकरण = केवल लेन-देन का रिकॉर्ड
  • स्वामित्व का प्रमाण नहीं

🏛️ संवैधानिक स्थिति

  • भूमि → राज्य सूची (7वीं अनुसूची)
  • दस्तावेज पंजीकरण → समवर्ती सूची

⚖️ भूमि पंजीकरण प्रणालियाँ

Presumptive Title System
  • केवल दस्तावेज पंजीकरण
  • स्वामित्व की गारंटी नहीं
  • Chain of Deeds
Conclusive / Torrens System
  • पंजीकरण = निर्णायक स्वामित्व
  • सरकार द्वारा गारंटी

⚠️ प्रमुख समस्याएं

  • औपनिवेशिक कानून (1882, 1899, 1908)
  • 66% दीवानी मुकदमे भूमि विवाद
  • फर्जी दस्तावेज, अतिक्रमण
  • अधूरा डिजिटलीकरण

🔧 सरकारी पहल

  • DILRMP → Conclusive ownership लक्ष्य
  • ULPIN (भू-आधार) → 14 अंकीय ID
  • NGDRS → e-पंजीकरण

⚡ QUICK REVISION

  • पंजीकरण ≠ स्वामित्व
  • Mutation → केवल राजस्व अद्यतन
  • भारत → Presumptive title system
  • 66% civil cases → भूमि विवाद

✅ Notes Unlocked

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